About HINDI Department
हिंदी विभाग
1. प्रस्तावना :
हिंदी भाषा और साहित्य के अध्ययन का अर्थ है भारतीय सभ्यता और संस्कृति की प्राचीन एवं समकालीन ज्ञान - मीमांसा की सुदीर्घ परंपरा एवं विरासतों से परिचित होना | विरासत गर्व करने भर के लिए नहीं होती , कार्यभार भी होती है , भाषा और साहित्य के अध्ययन की परंपरा से हम इस कार्यभार का वहन करने का दायित्व निभाते हैं |
2. महत्व एवं प्रासंगिकता :
आज के दौर में हिंदी भाषा और साहित्य वैश्विक स्तर पर अकादमिक विमर्शों में हस्तक्षेप करने में सक्षम है | हिंदी की अनेक रचनाओं के अनुवाद दुनिया की विभिन्न भाषाओँ में हो रहे हैं | वैश्वीकरण ने हिंदी भाषा – भाषी युवा पीढ़ी के लिए रोजगार के अनेक मार्ग खोल दिए हैं |
3. हमारा लक्ष्य :
अन्नदा महाविद्यालय के हिंदी विभाग में स्नातक प्रतिष्ठा स्तर तक की पढ़ाई होती है | विद्यार्थी इंटर कला की पढाई के बाद स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं | यहाँ भाषा – अध्ययन एवं साहित्य – मीमांसा की हजार वर्षों की परंपरा से ही नहीं , अधुनातन विमर्शों से भी विद्यार्थियों का परिचय कराया जाता है | भाषा के विकासवादी अध्ययन के साथ – साथ संरचनात्मक अध्ययन का ज्ञान भी अध्येताओं को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा दिया जाता है | साहित्य के इतिहास – अध्ययन की समस्याएं एवं समकालीन रचनात्मकता के अतिरिक्त आलोचना के उत्तर आधुनिक एवं उत्तर संरचनावादी , सबाल्टर्न ( नव नारीवाद , दलित , आदिवासी ) विमर्शों से भी हम अपने छात्र – छात्रों का परिचय कराते हैं | रोजगार के निम्नांकित क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध हैं --
3.1. जन संचार माध्यमों में बतौर संवाददाता , डेस्क संपादक , फीचर एवं विज्ञापन लेखन
3.2. अंग्रेजी एवं अन्य भारतीय भाषाओँ से अनुवाद
3.3. स्कूल एवं उच्च शिक्षा में शिक्षण
3.4. ऑनलाइन शिक्षण
3.5. सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में नौकरी
3.6. ब्लॉग लेखन एवं सोशल मीडिया में स्वरोजगार इत्यादि
इन्हीं लक्ष्यों को लेकर हिंदी विभाग निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है |
Departmental Activity
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